यह कि डिजिटल युग में ऑनलाइन धोखाधड़ी तेज़ी से बढ़ रही है। UPI फ्रॉड, फर्जी लिंक से बैंक खाता खाली होना, "डिजिटल अरेस्ट" का डर दिखाकर पैसे ऐंठना — ये अपराध अब बड़ी संख्या में हो रहे हैं। अच्छी बात यह है कि इनकी शिकायत करना अब पहले से बहुत आसान हो गया है।

तुरंत क्या करें — पहले 24 घंटे सबसे ज़रूरी

यह कि साइबर धोखाधड़ी में पहले 24 घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस समय में:

ऑनलाइन शिकायत कहाँ करें

यह कि cybercrime.gov.in — यह राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल है। यहाँ घर बैठे शिकायत दर्ज की जा सकती है। शिकायत दर्ज करने के लिए:

  1. cybercrime.gov.in पर जाएं
  2. "File a Complaint" पर क्लिक करें
  3. श्रेणी चुनें (UPI फ्रॉड, सोशल मीडिया, आदि)
  4. सभी जानकारी और सबूत अपलोड करें

स्थानीय साइबर थाने में FIR

यह कि जयपुर में पुलिस की साइबर क्राइम शाखा सक्रिय है। जब राशि बड़ी हो (₹50,000 से अधिक) तो नज़दीकी पुलिस थाने या साइबर थाने में जाकर FIR दर्ज करवाएं। पुलिस के पास बैंक खाते फ्रीज़ करने और पैसे वापस दिलवाने के अधिकार हैं।

डिजिटल अरेस्ट स्कैम से सावधान

यह कि कोई भी सरकारी एजेंसी (CBI, ED, पुलिस) वीडियो कॉल पर "डिजिटल गिरफ्तारी" नहीं करती। अगर कोई खुद को सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर आपको डराए और पैसे माँगे — यह 100% धोखाधड़ी है। तुरंत कॉल काटें और 1930 पर रिपोर्ट करें।

महत्वपूर्ण बातें

1930 पर कॉल — पहले 24 घंटे में पैसे वापस मिलने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है।

cybercrime.gov.in पर शिकायत के बाद एक Complaint Number मिलता है — इसे संभालकर रखें।

बैंक को लिखित शिकायत दें और RBI Ombudsman से भी शिकायत की जा सकती है।

अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती — राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लोग इस विषय पर ये सवाल सबसे ज़्यादा खोजते हैं

ऑनलाइन फ्रॉड होने पर सबसे पहले क्या करें? +
सबसे पहले 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें, अपना बैंक खाता ब्लॉक करवाएं, और सभी स्क्रीनशॉट व ट्रांज़ेक्शन ID सेव करें। उसके बाद cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
UPI फ्रॉड में पैसे वापस मिलते हैं? +
अगर पहले 24-48 घंटे में 1930 पर शिकायत की जाए और बैंक खाता ब्लॉक करवाया जाए तो पुलिस फ्रॉड खाते को फ्रीज़ करके पैसे वापस दिलवाने में मदद कर सकती है। देर होने पर संभावना कम हो जाती है।
साइबर क्राइम की शिकायत कहाँ करें जयपुर में? +
जयपुर में: (1) cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन; (2) 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल; (3) नज़दीकी पुलिस थाने में FIR; (4) जयपुर साइबर थाना (Cyber Police Station, Jaipur)।
डिजिटल अरेस्ट क्या होता है? +
डिजिटल अरेस्ट एक धोखाधड़ी है जिसमें ठग खुद को CBI, ED या पुलिस अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और "गिरफ्तारी" का डर दिखाकर पैसे माँगते हैं। सरकारी एजेंसियाँ कभी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करतीं। तुरंत कॉल काटें और 1930 पर रिपोर्ट करें।