यह कि डिजिटल युग में ऑनलाइन धोखाधड़ी तेज़ी से बढ़ रही है। UPI फ्रॉड, फर्जी लिंक से बैंक खाता खाली होना, "डिजिटल अरेस्ट" का डर दिखाकर पैसे ऐंठना — ये अपराध अब बड़ी संख्या में हो रहे हैं। अच्छी बात यह है कि इनकी शिकायत करना अब पहले से बहुत आसान हो गया है।
तुरंत क्या करें — पहले 24 घंटे सबसे ज़रूरी
यह कि साइबर धोखाधड़ी में पहले 24 घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस समय में:
- अपना बैंक खाता तुरंत ब्लॉक करवाएं — बैंक हेल्पलाइन पर कॉल करें
- 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें — यह 24x7 उपलब्ध है
- सभी स्क्रीनशॉट, ट्रांज़ेक्शन ID, और चैट सेव करें
ऑनलाइन शिकायत कहाँ करें
यह कि cybercrime.gov.in — यह राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल है। यहाँ घर बैठे शिकायत दर्ज की जा सकती है। शिकायत दर्ज करने के लिए:
- cybercrime.gov.in पर जाएं
- "File a Complaint" पर क्लिक करें
- श्रेणी चुनें (UPI फ्रॉड, सोशल मीडिया, आदि)
- सभी जानकारी और सबूत अपलोड करें
स्थानीय साइबर थाने में FIR
यह कि जयपुर में पुलिस की साइबर क्राइम शाखा सक्रिय है। जब राशि बड़ी हो (₹50,000 से अधिक) तो नज़दीकी पुलिस थाने या साइबर थाने में जाकर FIR दर्ज करवाएं। पुलिस के पास बैंक खाते फ्रीज़ करने और पैसे वापस दिलवाने के अधिकार हैं।
यह कि कोई भी सरकारी एजेंसी (CBI, ED, पुलिस) वीडियो कॉल पर "डिजिटल गिरफ्तारी" नहीं करती। अगर कोई खुद को सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर आपको डराए और पैसे माँगे — यह 100% धोखाधड़ी है। तुरंत कॉल काटें और 1930 पर रिपोर्ट करें।
महत्वपूर्ण बातें
1930 पर कॉल — पहले 24 घंटे में पैसे वापस मिलने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है।
cybercrime.gov.in पर शिकायत के बाद एक Complaint Number मिलता है — इसे संभालकर रखें।
बैंक को लिखित शिकायत दें और RBI Ombudsman से भी शिकायत की जा सकती है।
अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती — राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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