अपने सपनों का घर खरीदने के बाद सबसे बड़ी निराशा तब होती है जब बिल्डर तय समय पर कब्ज़ा (possession) नहीं देता। सालों तक इंतज़ार, बार-बार टलती तारीखें, और कोई ठोस जवाब नहीं — यह स्थिति अब बहुत से घर खरीदारों की कहानी है। अच्छी बात यह है कि RERA (रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट, 2016) ने घर खरीदारों को इसके खिलाफ मजबूत और तेज़ कानूनी उपाय दिए हैं।
देरी होने पर आपको क्या अधिकार मिलते हैं
RERA एक्ट की धारा 18 के अनुसार, यदि बिल्डर एग्रीमेंट में तय समय पर कब्ज़ा नहीं देता, तो घर खरीदार के पास दो विकल्प होते हैं:
- प्रोजेक्ट से बाहर निकलना (Refund): पूरी जमा राशि, बैंक ब्याज दर के अनुसार ब्याज सहित वापस लेने का अधिकार।
- प्रोजेक्ट में बने रहना (Delay Interest): कब्ज़ा मिलने तक, हर महीने की देरी के लिए तय ब्याज दर पर मुआवज़ा पाने का अधिकार।
यह अधिकार बिल्डर की गलती के लिए है — यदि देरी प्राकृतिक आपदा या "force majeure" जैसी वास्तव में अनियंत्रित परिस्थितियों के कारण हुई हो, तो प्राधिकरण उसे अलग से देखती है। हर मामले की परिस्थिति अलग होती है।
राजस्थान RERA में शिकायत कैसे दर्ज करें
राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) में शिकायत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्ज की जाती है। शिकायत के साथ निर्धारित शुल्क जमा करना होता है और मामला Adjudicating Officer या Authority के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होता है।
शिकायत के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
- बिल्डर के साथ हुआ बिक्री समझौता (Agreement for Sale / Builder-Buyer Agreement)
- अब तक किए गए सभी भुगतानों की रसीदें/बैंक स्टेटमेंट
- प्रोजेक्ट की RERA रजिस्ट्रेशन संख्या
- बिल्डर के साथ हुए पत्राचार (ईमेल, नोटिस, WhatsApp संदेश आदि)
- एलॉटमेंट लेटर और तय पजेशन तिथि का प्रमाण
शिकायत के बाद प्रक्रिया
शिकायत दर्ज होने के बाद प्राधिकरण दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर देती है। RERA एक्ट का उद्देश्य ही यह है कि विवाद सिविल कोर्ट की तुलना में बहुत तेज़ सुलझें — आमतौर पर मामलों का निपटारा कुछ महीनों में हो जाता है, वर्षों में नहीं। आदेश के बाद भी यदि बिल्डर पालन नहीं करता, तो वसूली प्रमाणपत्र (recovery certificate) के ज़रिए भू-राजस्व बकाया (arrears of land revenue) की तरह वसूली की जा सकती है।
घर खरीदारों के लिए मुख्य बातें
पहले जांचें कि प्रोजेक्ट RERA में रजिस्टर्ड है या नहीं — बिना रजिस्ट्रेशन के प्रोजेक्ट में भी अलग तरह की कार्रवाई संभव है।
सभी भुगतान और पत्राचार का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें — यही शिकायत की सबसे मज़बूत बुनियाद बनता है।
रिफंड लेना है या पजेशन का इंतज़ार करना है — यह फैसला आपकी प्राथमिकता और प्रोजेक्ट की वास्तविक प्रगति देखकर सोच-समझकर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इस विषय से जुड़े वो सवाल जो लोग सबसे ज़्यादा पूछते हैं