यह कि सड़क दुर्घटना में चोट लगना या किसी परिजन की मौत होना एक त्रासदी है। लेकिन कानून आपको मुआवज़ा दिलाने का अधिकार देता है — Motor Vehicles Act के तहत Motor Accident Claims Tribunal (MACT) में क्लेम दायर करके।
MACT क्लेम कौन दायर कर सकता है?
यह कि निम्नलिखित लोग क्लेम दायर कर सकते हैं:
- दुर्घटना में घायल व्यक्ति खुद
- मृत व्यक्ति के परिजन — पत्नी/पति, बच्चे, माता-पिता
- वित्तीय रूप से निर्भर न होने पर भी परिजन क्लेम कर सकते हैं
मुआवज़े में क्या-क्या मिलता है?
यह कि MACT में निम्नलिखित मुआवज़े की माँग की जा सकती है:
- मृत्यु के मामले में: आय का नुकसान, अंत्येष्टि खर्च, परिजनों का दर्द
- चोट के मामले में: इलाज का खर्च, आय का नुकसान, स्थायी विकलांगता
- वाहन की क्षति (Vehicle Damage)
क्लेम कहाँ और कैसे दायर करें
यह कि MACT क्लेम जयपुर में जिला न्यायाधीश (District Judge) के न्यायालय में दायर होता है। आवश्यक दस्तावेज़:
- FIR और दुर्घटना रिपोर्ट
- वाहन बीमा पॉलिसी
- मेडिकल रिपोर्ट और अस्पताल के बिल
- मृत्यु प्रमाण पत्र (अगर मृत्यु हो)
- मृत/घायल की आय का प्रमाण
यह कि अगर दुर्घटना करने वाला वाहन भाग गया हो और पहचाना न जा सके — तो भी मुआवज़ा मिलता है। Solatium Fund से मृत्यु पर ₹2 लाख और गंभीर चोट पर ₹50,000 तक मिलता है। इसके लिए पुलिस रिपोर्ट ज़रूरी है।
महत्वपूर्ण बातें
MACT क्लेम दुर्घटना के 6 महीने के भीतर दायर करें — देरी होने पर कारण बताकर माफी माँगी जा सकती है।
फैसले के बाद क्लेम राशि बीमा कंपनी से सीधे MACT के ज़रिए मिलती है।
क्लेम लंबित रहने तक अंतरिम मुआवज़े (Interim Compensation) की माँग भी की जा सकती है।
आपराधिक मुकदमे (Criminal Case) और MACT क्लेम साथ-साथ चल सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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