यह कि पुलिस द्वारा गिरफ्तारी एक बड़ा झटका होता है। लेकिन यह जानना ज़रूरी है कि गिरफ्तारी के समय भी आप भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22 और BNSS की धाराओं के तहत कई महत्वपूर्ण अधिकार रखते हैं।
गिरफ्तारी के समय आपके अधिकार
1. गिरफ्तारी का कारण जानने का अधिकार
यह कि BNSS की धारा 47 और संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी का कारण बताया जाना अनिवार्य है। पुलिस बिना कारण बताए नहीं रख सकती।
2. वकील से मिलने का अधिकार
यह कि संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को अपने पसंद के वकील से मिलने और परामर्श लेने का अधिकार है। पुलिस इसे नहीं रोक सकती।
3. परिवार या मित्र को सूचित करवाने का अधिकार
यह कि BNSS की धारा 50 के तहत गिरफ्तार व्यक्ति के परिवार के किसी सदस्य या मित्र को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी देना पुलिस का कर्तव्य है।
4. 24 घंटे में मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने का अधिकार
यह कि संविधान के अनुच्छेद 22(2) के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर (यात्रा का समय छोड़कर) नज़दीकी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना अनिवार्य है। इससे अधिक समय हिरासत में रखना गैरकानूनी है।
5. मुफ़्त कानूनी सहायता का अधिकार
यह कि अगर आप वकील का खर्च नहीं उठा सकते, तो राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (Legal Services Authority) से मुफ़्त कानूनी सहायता माँगने का अधिकार है।
यह कि किसी महिला को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता — जब तक कि मजिस्ट्रेट का विशेष आदेश न हो। महिला की तलाशी केवल महिला पुलिसकर्मी ले सकती है।
महत्वपूर्ण बातें
गिरफ्तारी के समय शांत रहें — पुलिस से बहस न करें, लेकिन अपने अधिकारों की माँग करें।
बिना वकील के कोई बयान न दें — चुप रहने का अधिकार भी आपको है।
गिरफ्तारी का मेमो (Arrest Memo) अवश्य लें — इस पर आपके परिजन के हस्ताक्षर होते हैं।
अगर अधिकारों का उल्लंघन हो — उच्च न्यायालय में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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